हमारे बारे में
मदरसे के बारे में
जामिया सिद्दीक़े अकबर अहले सुन्नत ट्रस्ट 2024 में नासिक में क़ायम हुआ।
2024 से
हमारी शुरुआत
हमने 2024 में शुरुआत की ताकि दीनी इल्म पारंपरिक तरीक़े से पढ़ाया जाए, और साथ ही छात्र मदरसे के बाहर की दुनिया में भी अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
हमारे यहाँ हर तरह के घरानों से छात्र आते हैं। यहाँ हिफ़्ज़ विभाग और दर्स-ए-निज़ामी है, और छात्राओं का अलग विभाग जल्द खुलेगा।
हमारे उस्ताद जो पढ़ाते हैं, उसकी इजाज़त (सनद) रखते हैं।
हमारा मिशन
सही दीनी इल्म और अच्छे अख़लाक़ सिखाना, ताकि हमारे छात्र अपने घरवालों और आस-पास के लोगों के काम आएँ।
हमारा विज़न
एक ऐसा मदरसा जहाँ तालीम का पारंपरिक तरीक़ा ज़िंदा रहे और ख़र्च किसी छात्र की राह में रुकावट न बने।
हमारे उसूल
प्रामाणिकता
हम असल किताबों से, सनद-याफ़्ता उस्तादों के ज़रिए पढ़ाते हैं।
शफ़क़त
छात्रों के साथ नरमी बरती जाती है और उनका ख़याल रखा जाता है।
मेहनत
हम पढ़ाई और इबादत दोनों में मेहनत की उम्मीद रखते हैं।