जामिया सिद्दीक़े अकबर अहले सुन्नत ट्रस्ट
हमारी संस्था
हम क्या पढ़ाते हैं, कैसे पढ़ाते हैं, और कैंपस में क्या है।
150+सक्रिय छात्र
5+योग्य उस्ताद
15+कोर्स
हम कौन हैं
हमारा मदरसा कैसा है
जामिया सिद्दीक़े अकबर अहले सुन्नत ट्रस्ट 2024 में नासिक, महाराष्ट्र में क़ायम हुआ। हर पृष्ठभूमि के छात्र दाख़िला ले सकते हैं।
हम चाहते हैं कि हमारे छात्र दीन में पक्के, पढ़ाई में क़ाबिल और बा-अख़लाक़ हों।
हमारे लिए तरबियत उतनी ही अहम है जितना सबक़: छात्र नमाज़ कैसे पढ़ता है, कैसे बात करता है और लोगों से कैसा बर्ताव करता है।
हम कैसे पढ़ाते हैं
छात्र क्या पढ़ता है
क़ुरआन की तिलावत और हिफ़्ज़
रोज़ाना दोहराई और तजवीद के साथ हिफ़्ज़, ऐसे हुफ़्फ़ाज़ से जो हर छात्र पर ध्यान देते हैं।
फ़िक़्ह और हदीस
फ़िक़्ह, हदीस और अक़ीदे की असल किताबें।
अख़लाक़
अदब, सच्चाई और इज़्ज़त, जो अलग विषय के तौर पर नहीं बल्कि रोज़ सिखाए जाते हैं।
भाषाएँ
अरबी, उर्दू और अंग्रेज़ी।
व्यावहारिक हुनर
रोज़मर्रा के वे हुनर जिनकी छात्रों को फ़ारिग़ होने के बाद ज़रूरत पड़ेगी।
मूल्य
हम छात्रों को किन बातों की क़द्र सिखाते हैं
ईमान
सबसे पहले पक्का ईमान।
इल्म
सही इल्म, सही तरीक़े से।
अदब
उस्तादों, माँ-बाप और एक-दूसरे के साथ अदब।
निज़ाम (अनुशासन)
रोज़ का तय निज़ाम।
अमानत
ईमानदारी और वादे की पाबंदी।
रहमत
इंसानों और तमाम मख़लूक़ पर मेहरबानी।
एहसान
हर काम बेहतरीन तरीक़े से करना।
ख़िदमत
समाज और उम्मत की ख़िदमत।
कैंपस
कैंपस में क्या है
क्लासरूम
बैठकर पढ़ने के लिए पर्याप्त जगह वाले क्लासरूम।
नमाज़ की जगह
पाँचों नमाज़ों के लिए मुसल्ला।
क़ुरआन के कमरे
हिफ़्ज़ और तिलावत के लिए शांत कमरे।
लाइब्रेरी
छात्रों और उस्तादों के लिए दीनी और आम किताबें।
सुरक्षित कैंपस
निगरानी वाला परिसर, लड़कियों के लिए अलग ब्लॉक जल्द आ रहा है।
माता-पिता के लिए
आप अपना बच्चा हमारे सुपुर्द करते हैं, और हम इस ज़िम्मेदारी को गंभीरता से लेते हैं। आप हमसे यह उम्मीद रख सकते हैं।
- हम आपसे नियमित संपर्क में रहते हैं
- आपका बच्चा निगरानी में रहता है
- आपको प्रगति रिपोर्ट मिलती है
- उस्ताद हर छात्र को निजी तौर पर जानते हैं
अब तक
हमारा इतिहास
2024
मदरसा क़ायम हुआ
नासिक में पहला बैच शुरू हुआ।
2024
हिफ़्ज़ विभाग
मुस्तनद हुफ़्फ़ाज़ की निगरानी में हिफ़्ज़ की क्लासें शुरू हुईं।
2025
150 से ज़्यादा छात्र
150 से ज़्यादा छात्र अब हमारे यहाँ पढ़ रहे हैं।
2026
छात्राओं का विभाग (जल्द आ रहा है)
महिला उस्तानियों के साथ छात्राओं का अलग विभाग जल्द खुलेगा।
आम सवाल
जामिया सिद्दीक़े अकबर अहले सुन्नत ट्रस्ट क्या है?
जामिया सिद्दीक़े अकबर अहले सुन्नत ट्रस्ट नासिक, महाराष्ट्र का एक मदरसा है जो 2024 में शुरू हुआ। यहाँ 150 से ज़्यादा छात्रों को कम फ़ीस में क़ुरआन, हिफ़्ज़, तजवीद और दर्स-ए-निज़ामी पढ़ाया जाता है, जिसका ख़र्च ज़कात और सदक़े से चलता है।
मदरसा कहाँ है, और कब खुला रहता है?
अशरफ़ी चौक, संजीव नगर, लिंक रोड, नासिक, महाराष्ट्र। दफ़्तर सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। कॉल या व्हाट्सऐप करें: +91 8055108635
क्या मैं ज़कात दे सकता हूँ, और क्या दान पर टैक्स में छूट मिलती है?
जी हाँ। ज़कात ज़रूरतमंद छात्रों और उनके उस्तादों पर ख़र्च होती है। ट्रस्ट 80G और 12A के तहत रजिस्टर्ड है, इसलिए भारतीय करदाता छूट ले सकते हैं। UPI (jamiasiddhiqe@srcb) या बैंक से दान दें, फिर रसीद के लिए अपना नाम, PAN और रक़म व्हाट्सऐप करें।
कौन दाख़िला ले सकता है?
कोई भी: बच्चे, नौजवान और बड़े। अभी लड़कों का दाख़िला होता है; छात्राओं का अलग विभाग जल्द खुलेगा।
क्या आपके उस्तादों के पास इजाज़त (सनद) है?
जी हाँ। हर उस्ताद जो विषय पढ़ाता है, उसकी इजाज़त रखता है।
क्या छात्राओं का विभाग अलग है?
महिला स्टाफ़ के साथ छात्राओं का अलग विभाग जल्द आ रहा है।
आप कौन-से कोर्स पढ़ाते हैं?
हिफ़्ज़-उल-क़ुरआन, तजवीद, दर्स-ए-निज़ामी (आठ साल का आलिम कोर्स), हदीस, फ़िक़्ह, और छात्राओं के लिए आलिमा कोर्स (जल्द आ रहा है)।
आवेदन कैसे करें?
दाख़िले के पेज पर फ़ॉर्म भरें, या व्हाट्सऐप पर +91 8055108635 पर संदेश भेजें।
दाख़िले जारी हैं
दाख़िले के लिए आवेदन करें, या किसी और की तालीम का ख़र्च उठाने में मदद करें।